ग्रेच्युटी एवं अर्जित अवकाश (Leave Encashment) कैलकुलेटर (ग्रेच्युटी एक्ट 1972 एवं 7th CPC)
सरकारी एवं निजी कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी (15/26 फॉर्मूला) और 300 दिनों के अर्जित अवकाश (EL) नकदीकरण की कर-मुक्त राशि की सटीक गणना करें।
रोजगार क्षेत्र एवं ग्रेच्युटी सीमाएं
केंद्रीय सरकार, राज्य सरकार या निजी क्षेत्र की ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण सीमाएं तुरंत लोड करें।
Central Govt Employee (7th CPC)
Full DA indexation + 300 EL Days fully tax-free
State Govt / PSU Employee
Standard 15/26 formula with state dearness allowance
Private (Covered under Gratuity Act)
15 days salary per completed year (15/26 formula)
Private (Not Covered under Act)
15/30 formula based on last 10 months average salary
Full 300 Days EL Encashment
Maximum permissible accumulated earned leave payout
ग्रेच्युटी और अवकाश से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. ग्रेच्युटी की गणना का आधिकारिक फॉर्मूला क्या है?
ग्रेच्युटी एक्ट 1972 के तहत: Gratuity = (15 * अंतिम मूल वेतन + DA * कुल सेवा वर्ष) / 26। जहाँ 26 महीने के कार्य दिवस माने जाते हैं।
2. सेवानिवृत्ति पर कितने दिनों के अवकाश का पैसा (Leave Encashment) मिलता है?
केंद्रीय एवं राज्य सरकार तथा अधिकांश पीएसयू में अधिकतम 300 दिनों के अर्जित अवकाश (Earned Leave - EL) का नकदीकरण किया जाता है।
3. ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट पर कितनी टैक्स छूट मिलती है?
सरकारी कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट पूर्णतः कर-मुक्त हैं। निजी कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी पर ₹20 लाख तक और लीव इनकैशमेंट पर ₹25 लाख तक की छूट मिलती है।
संबंधित टूल्स एवं कैलकुलेटर
7वां वेतन आयोग सैलरी कैलकुलेटर
पे लेवल 1-18, डीए (53%), एचआरए (X/Y/Z), टीए, एनपीएस कटौती और एसएससी सीजीएल, रेलवे, बैंक पीओ और यूपीएससी के पद-वार इन-हैंड वेतन की सटीक गणना करें।
UPS बनाम NPS पेंशन
केंद्र सरकार की नई यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS 50% गारंटीड), पुरानी पेंशन (OPS) और राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत मिलने वाली मासिक पेंशन और ग्रेच्युटी की तुलना करें।
छात्रवृत्ति पात्रता चेकर
जाति वर्ग, पारिवारिक आय, पाठ्यक्रम और अंकों के आधार पर केंद्रीय और राज्य छात्रवृत्तियों (NSP, यूपी, बिहार, एआईसीटीई, पीएमएसएस) की पात्रता जांचें।
स्टेट बोर्ड से सीबीएसई कनवर्टर
यूपी बोर्ड, बिहार बोर्ड, महाराष्ट्र, आरबीएसई, एमपी बोर्ड आदि के अंकों को सीबीएसई समकक्ष प्रतिशत और डीयू कटऑफ पर्सेन्टाइल में बदलें।